शुक्रवार, 25 नवंबर 2016

हे न्या जमना हे नयी जनरेसन, Garhwali Poem By PardeeP Rawat


हे न्या जमना हे नयी जनरेसन,
हाथू मा इस्मार्ट फून फोर जि कू कनेक्सन।।

फेसबुक ट्विटर व्हाट्सअप पर बात होणी च,
सेणी खाणी  सब हर्चगी चैटिंग सरि रात होणी च।।
गोर चरणदा होळ लगंदा घास कटण मा बी ऑनलैन छन,
जिंदगी हकीकत बटि सबी ऑफ़ लैन छन।।
जणि कख लगजा तौन्कू रौंग कनेक्सन,

लैक कमेन्ट कने तौंकी रिक्वेस्ट भेजी च,
ब्वे बुबों कि अर्जी न,नोनी अर्जी अप्सेप्ट करी च।।
नोनी की हाई मा ही सैकड़ो लैक कमेन्ट आणा छन,
हमारि कवितों की पोस्ट देखि मुख फरकाणा छन।।
जरा ध्यान दिया बुबों चलि नि ज्या रोंग डेरेक्सन,

खांदी सेन्दि वक्त की सल्फी झट होणी च अपलोड,
चिट्टी पत्रि इ मेल तार कू जमनू व्हेगी अब ओल्ड।।
नेता अफसरो घूसो विडिओ झट वायरल हुयूचा ,
नेते कुर्सी चलगी अफसरो नोकरी बटी हाथ दुयूचा।।
कबि ख़ुशी कबि देन्दु य़ू भारी टेंसन,

मिंटू मा वायरल होणा छन गौ गौळो का समाचार,
बुरा कामू नि बणा तुम सोसियल मिडिया ते हथियार।।
एक हैके मौ मदद मा लवा तुम ये  माध्यम ते काम मा,
सुदी मुदि दाग नि लगावा तुम कैका बी नाम मा।।

प्रदीप रावत "खुदेड़" 

 

गुरुवार, 24 नवंबर 2016

आज की महेमान पोस्ट में पढ़िए आंग्वाल के माध्यम से



नैनीताल के रामगढ़ में बन सकती है उत्तराखंड की फिल्म सिटी,बॉलीवुड में भी दिखेगा देवभूमि का सौंदर्य देहरादून । उत्तराखंड फिल्म जगत के लिए एक बड़ी खबर है। अब वो दिन दूर नहीं जब उत्तराखंड में बॉलीवुड के बड़े निर्देशक अपनी फिल्मों के प्रोजेक्ट को लेकर शिरकत करते नजर आएंगे। असल में उत्तराखंड फिल्म विकास बोर्ड ने नैनीताल के रामगढ़ में एक बड़ी फिल्म सिटी बनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जल्द ही मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने इस प्रस्ताव को रखा जाएगा। बोर्ड ने उम्मीद जताई है कि राज्य में रोजगार के बड़े मौके लेकर आने वाली इस फिल्म सिटी के लिए सीएम अपनी सहमति देंगे। रामगढ़ ब्लॉक के गागर में जगह चुनी गई फिल्म बोर्ड से जुड़े अधिकारियों की मानें तो उनके इस प्रस्ताव से एक्टिंग, फिल्म निर्माण व तकनीक से जुड़ने वाले सैकड़ों युवाओं के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं बनेंगी। फिल्म सिटी के लिए उन्होंने रामगढ़ ब्लॉग के गागर में उद्यान विभाग की लंबे समय से खाली पड़ी 6000 नाली जमीन पड़ी है। हालांकि बोर्ड ने इसे चुना है लेकिन अगर शासन स्तर से मंजूरी मिली तो उद्यान विभाग से इसे हस्तांतिरित करवाना होगा। बता दें कि कुछ समय पहले सीएम ने बोर्ड के उपाध्यक्ष और बॉलीवुड के चरित्र अभिनेता हेमंत पांडे को फिल्म सिटी के लिए जगह चुनने की जिम्मेदारी सौंपी थी। रामगढ़ के सौंदर्य के जादू से बचना मुश्किल

बुधवार, 23 नवंबर 2016

माँजी म्येरि माँजी Garhwali Poem By Pardeep Rawat Khuded


ममता तेरि ममता,
गंगा सी छाई ममता त्येरि ममता। 
दूध सी दुधाई ममता त्येरि ममता
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
इस लिंक पर देखिये। जगा रे उत्तराखंडवास्यूं जगा रे जाग्रति गीत क्या हलात हो गयी है रमणीय प्रदेश की जरुर सुने।
गीलामा अफू से होलि सूखामा में सिवाई
अफू भूखी रै होलि अपडू बाँठू में खिलाई
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
हिवू सी ह्विई ममता त्येरि ममता
जून सी जून्याई ममता त्येरि ममता
गढ़वाली भाषा की सोशियल मिडिया पर वारयल कविता जो आपने भी जरुर शेयर की होगी।
हाथ पकड़ी कि तिन मेतै बाठू बताई
अन्धेरा मन म्येरा तिन ज्ञान कू ऊज्यवु काई
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
सूर्या सी चिटी ममता त्येरि ममता
सैद सी मिठी ममता त्येरि ममता
इस लिंक पर देखिये । एक ऐसा गीत जिस सुनकर आपको अपने खोये हुए लोग की याद आ जाएगी।
म्येरा होणमा जौं आँख्यू मा खुशी छै वु आंसून चुणीन
टूट गेन सब सुप्नया जू तिन मेरा होणमा बुणीन
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
रंग सी रंगीली ममता त्येरि ममता
फूलू सी चमकीलि ममता त्येरि ममता
इस लिंक पर देखिये - गढ़वाली सुपरहिट फिल्म भाग-जोग
आज मि जख भी तेरू ही आर्सीबाद चा
खैरी का आँसू कू दियू मेरू यू कनू प्रसादचा
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
हल्दी सी पूज्या ममता त्येरि ममता
निच क्वी दूजा ममता त्येरि ममता

शुक्रवार, 18 नवंबर 2016

देव भूमि मा मनखी नि रै ।। गाड़ गदन्यों मा पाणी नि रै ।। आँसूं छन यूँ आंख्यों मा ।। डाँडी कांठ्यों मा डाली नि रै ।। रोज रोज की आपदों मा ।। यु पहाड़ खण्ड खण्ड छैई ।।




देव भूमि मा मनखी नि रै ।।
गाड़ गदन्यों मा पाणी नि रै ।।
आँसूं छन यूँ आंख्यों मा ।।
डाँडी कांठ्यों मा डाली नि रै ।।
रोज रोज की आपदों मा ।।
यु पहाड़ खण्ड खण्ड छैई ।।
समझ नि औणु दगड़ियों ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
समझ नि औणू बंधू ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
बोला दगडियों सोचा दगड़ियों ।।
बोला बंधू मेरा भै बन्धू ।।
पहाड़ रोणू पलायन मा ।।

छोटा बड़ा सभी जयां प्रदेशू मा ।।
रीति रिवाज न थौला मेला रै।।
न बार तेवार ये गढ़देश मा ।।
नेता डुब्यां छ नेतागिरी मा ।।
हमारी बोली बन्द छैई ।।
समझ नि औणू दगड़ियों ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
समझ नि औणू बंधू ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
बोला दगड़ियों सोचा दगड़ियों।।
बोला बंधू मेरा भै बंधू ।।
दारु भांगलू घरु घरु मा ।।
पाणी बन्द बिजली घरु म ।।
भर्ष्टाचार की मार यनि ।।
स्कूल कालेज दफ्तरू मा ।।
जनता भी बस देखण लगीं ।।
नेता ब्यस्त छ घोटालू मा ।।
समझ नि औणू दगड़ियों ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
समझ नि औणू बंधू ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
बोला दगड़ियों सोचा दगड़ियों ।।
बोला बन्धु मेरा भै बंधू ।।
स्कूल कखी स्कूल नि रै ।।
नदी नालों मा कखी पूल नि रै ।।
विकाश नौ मा जौन यख ।।
सैरा पहाड़ मा जोल लगै ।।
आंख्यों मा आँशु जिकुडा पीड़ा ।।
खुटा बिटिन सैडा मुण्ड छैई।।
समझ नि औणू दगड़ियों ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
समझ नि औणू बंधू ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
बोला दगड़ियों सोचा दगड़ियों ।।
बोला बन्धू मेरा भै बंधू ।।
  
गीत सुरेन्द्र सेमवाल


गढ़वाल के राजवंश की भाषा थी गढ़वाली

 गढ़वाल के राजवंश की भाषा थी गढ़वाली        गढ़वाली भाषा का प्रारम्भ कब से हुआ इसके प्रमाण नहीं मिलते हैं। गढ़वाली का बोलचाल या मौखिक रूप तब स...