सोमवार, 28 नवंबर 2016
शुक्रवार, 25 नवंबर 2016
हे न्या जमना हे नयी जनरेसन, Garhwali Poem By PardeeP Rawat
हे न्या जमना हे नयी जनरेसन,
हाथू मा इस्मार्ट फून फोर जि कू कनेक्सन।।
फेसबुक ट्विटर व्हाट्सअप पर बात होणी च,
सेणी खाणी सब हर्चगी चैटिंग सरि रात होणी च।।
गोर चरणदा होळ लगंदा घास कटण मा बी ऑनलैन छन,
जिंदगी हकीकत बटि सबी ऑफ़ लैन छन।।
जणि कख लगजा तौन्कू रौंग कनेक्सन,
लैक कमेन्ट कने तौंकी रिक्वेस्ट भेजी च,
ब्वे बुबों कि अर्जी न,नोनी अर्जी अप्सेप्ट करी च।।
नोनी की हाई मा ही सैकड़ो लैक कमेन्ट आणा छन,
हमारि कवितों की पोस्ट देखि मुख फरकाणा छन।।
जरा ध्यान दिया बुबों चलि नि ज्या रोंग डेरेक्सन,
खांदी सेन्दि वक्त की सल्फी झट होणी च अपलोड,
चिट्टी पत्रि इ मेल तार कू जमनू व्हेगी अब ओल्ड।।
नेता अफसरो घूसो विडिओ झट वायरल हुयूचा ,
नेते कुर्सी चलगी अफसरो नोकरी बटी हाथ दुयूचा।।
कबि ख़ुशी कबि देन्दु य़ू भारी टेंसन,
मिंटू मा वायरल होणा छन गौ गौळो का समाचार,
बुरा कामू नि बणा तुम सोसियल मिडिया ते हथियार।।
एक हैके मौ मदद मा लवा तुम ये माध्यम ते काम मा,
सुदी मुदि दाग नि लगावा तुम कैका बी नाम मा।।
प्रदीप रावत "खुदेड़"
गुरुवार, 24 नवंबर 2016
बुधवार, 23 नवंबर 2016
माँजी म्येरि माँजी Garhwali Poem By Pardeep Rawat Khuded
ममता तेरि ममता,
गंगा सी छाई ममता त्येरि ममता।
दूध सी दुधाई ममता त्येरि ममता
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
इस लिंक पर देखिये। जगा रे उत्तराखंडवास्यूं जगा रे जाग्रति गीत क्या हलात हो गयी है रमणीय प्रदेश की जरुर सुने।
गीलामा अफू से होलि सूखामा में सिवाई
अफू भूखी रै होलि अपडू बाँठू में खिलाई
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
हिवू सी ह्विई ममता त्येरि ममता
जून सी जून्याई ममता त्येरि ममता
गढ़वाली भाषा की सोशियल मिडिया पर वारयल कविता जो आपने भी जरुर शेयर की होगी।
हाथ पकड़ी कि तिन मेतै बाठू बताई
अन्धेरा मन म्येरा तिन ज्ञान कू ऊज्यवु काई
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
सूर्या सी चिटी ममता त्येरि ममता
सैद सी मिठी ममता त्येरि ममता
इस लिंक पर देखिये । एक ऐसा गीत जिस सुनकर आपको अपने खोये हुए लोग की याद आ जाएगी।
म्येरा होणमा जौं आँख्यू मा खुशी छै वु आंसून चुणीन
टूट गेन सब सुप्नया जू तिन मेरा होणमा बुणीन
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
रंग सी रंगीली ममता त्येरि ममता
फूलू सी चमकीलि ममता त्येरि ममता
इस लिंक पर देखिये - गढ़वाली सुपरहिट फिल्म भाग-जोग
आज मि जख भी तेरू ही आर्सीबाद चा
खैरी का आँसू कू दियू मेरू यू कनू प्रसादचा
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
हल्दी सी पूज्या ममता त्येरि ममता
निच क्वी दूजा ममता त्येरि ममता
गंगा सी छाई ममता त्येरि ममता।
दूध सी दुधाई ममता त्येरि ममता
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
गीलामा अफू से होलि सूखामा में सिवाई
अफू भूखी रै होलि अपडू बाँठू में खिलाई
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
हिवू सी ह्विई ममता त्येरि ममता
जून सी जून्याई ममता त्येरि ममता
गढ़वाली भाषा की सोशियल मिडिया पर वारयल कविता जो आपने भी जरुर शेयर की होगी।
हाथ पकड़ी कि तिन मेतै बाठू बताई
अन्धेरा मन म्येरा तिन ज्ञान कू ऊज्यवु काई
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
सूर्या सी चिटी ममता त्येरि ममता
सैद सी मिठी ममता त्येरि ममता
इस लिंक पर देखिये । एक ऐसा गीत जिस सुनकर आपको अपने खोये हुए लोग की याद आ जाएगी।
म्येरा होणमा जौं आँख्यू मा खुशी छै वु आंसून चुणीन
टूट गेन सब सुप्नया जू तिन मेरा होणमा बुणीन
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
रंग सी रंगीली ममता त्येरि ममता
फूलू सी चमकीलि ममता त्येरि ममता
इस लिंक पर देखिये - गढ़वाली सुपरहिट फिल्म भाग-जोग
आज मि जख भी तेरू ही आर्सीबाद चा
खैरी का आँसू कू दियू मेरू यू कनू प्रसादचा
माँजी म्येरि माँजी
ममता त्येरि ममता
हल्दी सी पूज्या ममता त्येरि ममता
निच क्वी दूजा ममता त्येरि ममता
शुक्रवार, 18 नवंबर 2016
देव भूमि मा मनखी नि रै ।। गाड़ गदन्यों मा पाणी नि रै ।। आँसूं छन यूँ आंख्यों मा ।। डाँडी कांठ्यों मा डाली नि रै ।। रोज रोज की आपदों मा ।। यु पहाड़ खण्ड खण्ड छैई ।।
देव भूमि मा मनखी नि रै ।।
गाड़ गदन्यों मा पाणी नि रै ।।
आँसूं छन यूँ आंख्यों मा ।।
डाँडी कांठ्यों मा डाली नि रै ।।
रोज रोज की आपदों मा ।।
यु पहाड़ खण्ड खण्ड छैई ।।
समझ नि औणु दगड़ियों ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
समझ नि औणू बंधू ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
बोला दगडियों सोचा दगड़ियों ।।
बोला बंधू मेरा भै बन्धू ।।
पहाड़ रोणू पलायन मा ।।
छोटा बड़ा सभी जयां प्रदेशू मा ।।
रीति रिवाज न थौला मेला रै।।
न बार तेवार ये गढ़देश मा ।।
नेता डुब्यां छ नेतागिरी मा ।।
हमारी बोली बन्द छैई ।।
समझ नि औणू दगड़ियों ।।यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
समझ नि औणू बंधू ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
बोला दगड़ियों सोचा दगड़ियों।।
बोला बंधू मेरा भै बंधू ।।
दारु भांगलू घरु घरु मा ।।
पाणी बन्द बिजली घरु म ।।
भर्ष्टाचार की मार यनि ।।
स्कूल कालेज दफ्तरू मा ।।
जनता भी बस देखण लगीं ।।
नेता ब्यस्त छ घोटालू मा ।।
समझ नि औणू दगड़ियों ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
समझ नि औणू बंधू ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
बोला दगड़ियों सोचा दगड़ियों ।।
बोला बन्धु मेरा भै बंधू ।।
स्कूल कखी स्कूल नि रै ।।
नदी नालों मा कखी पूल नि रै ।।
विकाश नौ मा जौन यख ।।
सैरा पहाड़ मा जोल लगै ।।
आंख्यों मा आँशु जिकुडा पीड़ा ।।
खुटा बिटिन सैडा मुण्ड छैई।।
समझ नि औणू दगड़ियों ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
समझ नि औणू बंधू ।।
यु ही सुपिन्यों कु उत्तराखण्ड छै ।।
बोला दगड़ियों सोचा दगड़ियों ।।
बोला बन्धू मेरा भै बंधू ।।
गीत सुरेन्द्र सेमवाल
गुरुवार, 17 नवंबर 2016
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