ये कविता उन सभी उत्तराखंडी आंदोलनकरियों को उत्तराखंड आंदोलन की याद दिलाती है जब वह सब मुलायम मायावती के खिलाफ आंदोलन किया करते थे उन्हें ललकारते थे, कल जंतर मंतर में गोरखालैंड की मांग को लेकर गोरखालैंड के अंदोलनकरियों द्वारा एक विशाल सभा का आयोजन किया गया था वही गोरखालैंड की एक कविता वहां के प्रसिद्ध कवी "सी के श्रेष्ठा" जी से सुनने को मिली ऐसे, जो ममता को ललकार रहे थे, उनकी ये कविता सैकड़ों लोगों में जोश भर रही थी मैंने उसे यूं ट्यूब से ढूंढा और आप सभी के साथ साझा कर रहा हूँ आप भी सुनिए, इस कविता को और शेयर जरूर करना
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